

कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड – विश्व की प्रमुख उर्वरक उत्पादक सहकारी संस्था
हमारे एक मात्र सहकारी विपणन चैनल अर्थात राज्य स्तरीय सहकारी विपणन संघों विभिन्न राज्यों में अन्य राज्यीय संस्थानों के अतिरिक्त हमारी समिति ने अपने उत्पादों का वितरण किसानों को सीधे ही करने के लिए एक अन्य माध्यम अपने बिक्री केन्द्र अर्थात कृषक भारती सेवा केन्द्र (केबीएसके) उत्तरप्रदेश, हरियाणा तथा पंजाब में स्थापित किए हैं। इन केबीएसके से प्रदान की जाने वाली सेवाएं/उद्देश्य निम्न प्रकार हैं:-
उद्देश्य
• मूल उद्देश्य किसानों को एक ही छत के नीचे कृषि सेवाएं प्रदान करना है।
• इन केबीएसके पर कृषि पृष्ठभूमि के कर्मचारियों को नियुक्त किया गया है जिससे उच्च पैदावार लेने के लिए कृषि क्षेत्र की अद्यतन प्रौद्योगिकी किसानों को प्रदान की जा सके।
• हमारे केबीएसके स्थानीय बाजार में मूल्य वृद्धि पर नियंत्रण रखते हुए किसानों को सही समय और उचित दामों पर उच्च गुणवत्ता के कृषि आदान उपलब्ध कराने में सहायता करते हैं।
सेवाएं
1. हमारी समिति के केबीएसके किसानों को वर्ष भर गुणवत्ता वाले विभिन्न उर्वरक, प्रमाणित बीज, कृषि रसायन और अन्य कृषि आदान आदि उपलब्ध कराते हैं।
2. गरीब किसानों की मदद के लिए उपयोगी कृषि औजार, और उपकरण जैसे स्प्रे मशीन, बीज उपचार ड्रम, बीज –सह-उर्वरक ड्रिल आदि प्रयोग के बाद नि:शुल्क वापसी आधार पर उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
3. ये के बी एस के क्षेत्रीय दूर-दराज के गांवों से आए किसानों को उपयोगी जानकारी प्रदान करने के लिए एक मंच प्रदान करते हैं और इससे किसानों की हमारी समिति के प्रति आस्था बढ़ती है।
के बी एस के सर्वेक्षण के पश्चात उन संभाव्य क्षेत्रों/स्थानों पर खोले जाते हैं जहां पर उर्वरकों की खपत ज्यादा हो । सर्वेक्षण रिपोर्ट से पता चलता है कि उस स्थान पर कृषि आदानों की स्थानीय मांग ज्यादा है, पहुंच आसान है और भंडारगृह/रैक प्वाइंट से ज्यादा दूर नहीं है ताकि ढुलाई खर्च कम हो। केबीएसके पर सेल्समैन नियुक्त किए जाते हैं जो तहसील/जिला स्तर पर नियुक्त संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी के पर्यवेक्षण में कार्य करते हैं।
प्रारम्भ में केबीएसके वर्ष 1985-86 में हरियाणा और पंजाब राज्यों में कृभको यूरिया की बिक्री के लिए प्राइमरी बाजार विकसित करने के उद्देश्य से खोले गए थे। बाद में ये केबीएसके उत्तर प्रदेश राज्य में भी खोले गए। ये केबीएसके अन्य राज्यों जैसे कर्नाटक, आन्ध्रप्रदेश, मध्य प्रदेश में भी समिति संख्या में खोले गए लेकिन भारी हानि के चलते बंद कर दिया गया।
वर्तमान में तीन राज्यों उत्तर प्रदेश में 36, हरियाणा में 13 और पंजाब में 16 केबीएसके कार्य कर रहे हैं।
केबीएसके से किसानों को उपलब्ध कराए जा रहे अन्य उर्वरक तथा अन्य कृषि आदान निम्नानुसार हैं:-
1. यूरिया
2. काम्प्लैक्स फर्टिलाइजर्स, नामश: डीएपी एवं एनपीके आदि
3. सूक्ष्म पोषक तत्व – जिंक सल्फेट
4. जैव उर्वरक
5. प्रमाणित बीज – गेहूं/धान/कपास/बाजरा/सरसों आदि
6. पशुचारा
7. पौध संरक्षण कृषि रसायन-खरपतवार नाशी/कृमि नाशी आदि
8. दैनिक प्रयोग की वस्तुएं जैसे टार्च/लालटेन आदि
9. जैव-कार्बनिक खाद और बी टी काटन बीज भी शुरू किए गए हैं।
इन कृषक भारती सेवा केन्द्रों पर अधिकतर कृषि आदान समय पर सुलभ कराने के लिए हमारे प्रबंधन वर्ग ने वित्तीय अधिकारों के प्रत्यायोजन का विकेन्द्रीकरण करके ये अधिकार सम्बद्ध राज्य विपणन प्रबंधक को दे दिए हैं ताकि राज्य स्तर पर खरीद प्रक्रिया को अंतिम रूप दिया जा सके। वर्तमान में, निम्न वित्तीय अधिकार प्रबंध निदेशक को प्रत्यायोजित किए गए हैं जिन्हें आगे उप-प्रत्यायोजित करके राज्य विपणन प्रबंधकों को राज्य स्तर पर विभिन्न कृषि आदान समय पर खरीदने के लिए प्रदान कर दिए गए हैं।
• प्रबंध निदेशक/महाप्रबंधक(विपणन)/राज्य विपणन प्रबंधकों को 9.90 करोड़ रुपये प्रति वर्ष प्रति राज्य इफको/सरकारी संस्थानों/आरसीएस/विपणन फेडरेशनों के सम-मूल्य पर उपक्रमों से एकल टेंडर के आधार पर और/या स्वदेशी निर्माताओं से सीमित टेंडर के माध्यम से फास्फेटिक उर्वरक खरीदने के लिए वित्तीय अधिकार प्रत्यायोजित किए गए हैं।
• विपणन निदेशक/महाप्रबंधक (विपणन)/राज्य विपणन प्रबंधकों को 2.40 करोड़ रुपये प्रति वर्ष प्रति राज्य, केबीएसके के लिए यूरिया (कृभको यूरिया को छोड़कर) उन विपणन फेडरेशनों/राष्ट्रीय स्तर की कम्पनियों/संस्थानों/उपक्रमों/से जो उस राज्य में कार्यरत हैं एकल टेंडर के आधार पर खरीदने के लिए वित्तीय अधिकार प्रत्यायोजित किए गए हैं।
• इसी तरह के वित्तीय अधिकार 2.40 करोड़ रुपये प्रतिवर्ष मूल्य के जिंक सल्फेट/2.40 करोड़ रुपये मूल्य के/प्रतिवर्ष, कृषि रसायन 2.40 करोड़ रुपये मूल्य के/प्रतिवर्ष, बीज 2.00 करोड़ रुपये मूल्य के/प्रतिवर्ष जो कृभको के पास उपलब्ध नहीं है, राज्य स्तर पर खरीदने के लिए प्रदान किए गए हैं।