

कृषक भारती कोआपरेटिव लिमिटेड – विश्व की प्रमुख उर्वरक उत्पादक सहकारी संस्था

अमोनिया नाइट्रोजन तथा हाइड्रोजन का मिश्रण है जिसे एनएच3 कहा जाता है । यह एक रंगहीन गैस है जिसकी तीखी गंध होती है । इसका उत्पादन हैबर प्रक्रिया से किया जाता है । हाइड्रोजन गैस के दो अणु नाइट्रोजन गैस के एक अणु के साथ प्रक्रिया करते हैं तो अमोनिया के दो अणु पैदा होते हैं जैसा कि नीचे दिया गया है ।
3H2 + N2 ? 2NH3
इस प्रक्रिया के दौरान अत्यधिक उष्मा पैदा होती है जिसका कैप्टिव उपयोग के लिए वाष्प पैदा करने हेतु इस्तेमाल किया जाता है ।
मुख्य फीड स्टाक के रूप में प्राकृतिक गैस का उपयोग करके अमोनिया का उत्पादन किया जाता है । इसके अन्य फीड स्टाक वाष्प और वायु हैं ।अमोनिया का गैस रूप में उत्पादन करने से पहले इस फीड स्टाक को अमोनिया संयंत्र में कई प्रतिक्रियाओं से गुजरना पड़ता है । वाष्प रिफार्मिंग प्रोसेस का उपयोग करके अमोनिया का उत्पादन किया जाता है । यह प्रौद्योगिकी कैलोग, यूएसए द्वारा सप्लाई की गई है । अमोनिया संयंत्रों की संस्थापित क्षमता 10.02 लाख मी.टन प्रतिवर्ष है और रीवैम्प के पश्चात इसकी क्षमता बढ़कर 12.47 लाख मी.टन प्रतिवर्ष हो जाएगी । कार्बनडाइआक्साइड अमोनिया संयंत्र का उपोत्पाद है जिसका यूरिया संयंत्र में यूरिया उत्पादन के लिए उपयोग किया जाता है ।